🔹 चंबल क्षेत्र में पक्षियों की भरमार
Dholpur Bird Survey 2026 के दौरान चंबल नदी और ताल-तलैयों में 200 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ दर्ज की गईं।
इससे धौलपुर क्षेत्र की जैव विविधता को नई पहचान मिली है।
🔹 वाटर वर्ड काउंट से बड़ा खुलासा
यह सर्वे वैटलेंड इंटरनेशनल और राजस्थान वन विभाग के सहयोग से किया गया।
Dholpur Bird Survey 2026 में कई दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की पुष्टि हुई।
🔹 प्रवासी और दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी
सर्वे में इंडियन स्किमर, ब्लैक-बेलिड टर्न और बार-हेडेड गूज़ जैसी प्रजातियाँ पाई गईं।
Dholpur Bird Survey 2026 में पेलिकन और कई शिकारी पक्षी भी दर्ज किए गए।
🔹 पहली बार दर्ज हुईं नई प्रजातियाँ
कॉमन रोज़फिंच, ग्रे बुशचैट और स्ट्राइएटेड ग्रासबर्ड को पहली बार रिकॉर्ड किया गया।
इससे Dholpur Bird Survey 2026 और भी ऐतिहासिक बन गया है।
🔹 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस सर्वे का उद्देश्य धौलपुर-करौली टाइगर रिज़र्व को वैश्विक पहचान दिलाना है।
Dholpur Bird Survey 2026 से इको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
🔹 संरक्षण और पर्यावरण के लिए अहम कदम
सर्वे से पक्षियों के आवास और संरक्षण चुनौतियों की पहचान हुई है।
इसलिए Dholpur Bird Survey 2026 पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
🔹 पक्षी प्रेमियों के लिए नया स्वर्ग
भरतपुर के घना के बाद अब धौलपुर चंबल क्षेत्र पक्षी पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।
Dholpur Bird Survey 2026 से यह उम्मीद और मजबूत हुई है।




