डिजिटल अरेस्ट ठगी का खुलासा: खातों के जरिए करोड़ों का खेल, दो आरोपी गिरफ्तार

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🔹 डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी क्या है?

नोएडा में बड़ा खुलासा हुआ है।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के जरिए लोगों से पैसे ठगे जा रहे थे।
ठग खुद को अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे।

🔹 कैसे हुआ पूरा खेल?

आरोपी अपने बैंक खाते ठगों को देते थे।
इन्हीं खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में यह मुख्य तरीका था।

🔹 कौन-कौन हुए गिरफ्तार?

भावेश गुप्ता और हर्षित कुमार को पकड़ा गया।
दोनों युवकों ने पैसे के लालच में यह काम किया।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में इनकी भूमिका अहम थी।

🔹 कितनी हुई ठगी?

एक मामले में करीब 7 लाख रुपये की ठगी हुई।
आरोपियों को लाखों रुपये कमीशन मिला।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी कई राज्यों तक फैली हुई है।

🔹 पुलिस की आगे की कार्रवाई

साइबर क्राइम थाना मामले की जांच कर रहा है।
मोबाइल और खातों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश जारी है।

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