डीएम ने रजामंदी या अधिग्रहण बगैर ध्वस्तीकरण न होने का दिया भरोसा

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–वाराणसी में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण मामले में याचिकाएं इसी आधार पर निस्तारित

प्रयागराज, 23 मई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए ध्वस्तीकरण पर भवन मालिकों को बड़ी राहत दी है। इस मामले में वाराणसी के डीएम ने हलफनामा दाखिल कर इस बात का भरोसा दिया है कि रजामंदी या अधिग्रहण किए बगैर ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने इसके अनुसार आदेश देते हुए इस मामले में दाखिल याचिकाएं निस्तारित कर दीं।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने दालमंडी भवन स्वामी शहनाज़ परवीन की याचिका पर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य सरकार किसी संपत्ति का विधिसम्मत अधिग्रहण नहीं करती और उचित मुआवजा नहीं देती तथा रजामंदी से हस्तांतरण नहीं कर लेती, तब तक वहां कोई भी निर्माण ध्वस्त नहीं किया जाएगा।

याचिका में बिना मुआवजा दिए ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वाराणसी के डीएम ने हलफनामे में बताया था कि दालमंडी क्षेत्र की सड़क को चौड़ा और मजबूत करने की योजना है, जिसके लिए अनुमानित बजट 22059.46 लाख रुपये है। हलफनामे में यह भी कहा गया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया या तो आपसी सहमति से होगी या 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत। साथ ही इसके लिए किसी भी व्यक्ति को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा।

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