मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज भारतीय पुरातत्व और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे।
इस अवसर पर 19वां डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रसिद्ध पुरातत्वविद् और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. यशोधर मठपाल को प्रदान किया जाएगा।
🏛️ तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
यह राष्ट्रीय आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत की पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और शोध को नई दिशा देना है। इसमें देशभर से प्रमुख विद्वान, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और विरासत विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
🧠 क्यों दिया जा रहा है डॉ. मठपाल को सम्मान?
डॉ. यशोधर मठपाल भारत के अग्रणी शैल-चित्र विशेषज्ञ, पुरातत्वविद्, चित्रकार और क्यूरेटर हैं। उन्होंने
- हिमालय
- पश्चिमी घाट
- विंध्य एवं कैमूर पर्वतमालाओं
में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं और शैल चित्र स्थलों की खोज की है।
शैल-चित्र संरक्षण के लिए उनकी वैज्ञानिक तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिससे भारत की प्रागैतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है।
📚 संगोष्ठी के प्रमुख विषय
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में तीन मुख्य विषयों पर गहन चर्चा होगी:
1️⃣ पुरातत्व और सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन
2️⃣ अभिलेखागार और डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन
3️⃣ मूर्त एवं अमूर्त विरासत का संरक्षण एवं डिजिटल क्यूरेशन
👥 देश के दिग्गज विशेषज्ञ होंगे शामिल
कार्यक्रम में देश के प्रख्यात विद्वान और अधिकारी भाग लेंगे, जिनमें शामिल हैं:
कल्याण कुमार चक्रवर्ती (IAS),
अरुण सिंघल (सेवानिवृत्त IAS),
प्रो. रवि कोरिसेट्टर,
हरसहाय मीणा (IAS),
डॉ. नंदिनी भट्टाचार्य साहू,
प्रो. आलोक त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञ।
🎥 प्रदर्शनी और विरासत भ्रमण
कार्यक्रम के दौरान विशेष
- पुरातत्व प्रदर्शनियाँ
- वृत्तचित्र प्रदर्शन
- भोपाल के ऐतिहासिक स्थलों का निर्देशित भ्रमण
भी आयोजित किया जाएगा।




