होली से पहले डुआर्स के संरक्षित वन क्षेत्रों में बढ़ाई गई सुरक्षा

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🔹 डुआर्स वन सुरक्षा होली के मद्देनज़र सख्ती

होली से पहले पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में संरक्षित जंगलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खासतौर पर गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।

वन विभाग ने शिकार की आशंका को देखते हुए विशेष एंटी-पोचिंग टीम गठित की है। जंगल के संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है।

🔹 कुमकी हाथी और ड्रोन से निगरानी

सूत्रों के अनुसार, जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान समेत विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में कुमकी हाथियों को तैनात किया गया है। गोरुमारा में 15 और जलदापाड़ा में 45 कुमकी हाथियों की मदद ली जा रही है।

इसके अलावा ड्रोन कैमरों और वॉच टावर से जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। प्रवेश मार्गों, नाथुआ रेंज के घास के मैदानों और चाय बागानों में विशेष गश्त बढ़ाई गई है।

🔹 पहले भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं

डुआर्स क्षेत्र में हर साल होली से पहले शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। तीन वर्ष पहले गोरुमारा के नाथुआ रेंज में शिकारियों के पीछा करने से दो सांभरों की मौत हुई थी।

इसी तरह इस वर्ष जलदापाड़ा क्षेत्र में हाथी दांत के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

🔹 अधिकारियों का बयान

उत्तर बंगाल वन्यजीव विभाग के मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों की भी मदद ली जा रही है।

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