🔹 Dubai Migrant Workers Crisis से बढ़ी चिंता
दुबई में झारखंड के 14 प्रवासी श्रमिक फंसे हुए हैं।
Dubai Migrant Workers Crisis के चलते उनके सामने रोजी और भोजन का संकट है।
🔹 तीन जिलों के मजदूर प्रभावित
ये मजदूर गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो से हैं।
सभी अक्टूबर 2025 में दुबई गए थे।
🔹 वेतन नहीं, काम ज्यादा
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी समय पर मजदूरी नहीं दे रही।
इसके अलावा, तय समय से अधिक काम कराया जा रहा है।
इस कारण रहने और खाने की समस्या बढ़ गई है।
Dubai Migrant Workers Crisis ने हालात को गंभीर बना दिया है।
🔹 वीडियो के जरिए लगाई गुहार
मजदूरों ने एक वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा साझा की है।
यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाले सिकन्दर अली को भेजा गया।
सिकन्दर अली ने वीडियो मीडिया के साथ साझा किया।
उन्होंने सरकार से तत्काल मदद की मांग की।
🔹 पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
उन्होंने कहा कि विदेशों में मजदूरों के फंसने के मामले पहले भी आए हैं।
इसके बावजूद लोग पुराने अनुभवों से सबक नहीं ले रहे।
Dubai Migrant Workers Crisis इसी लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है।
🔹 पहले हुई मौत का दर्द
कुछ समय पहले सऊदी अरब में एक प्रवासी मजदूर की मौत हो चुकी है।
तीन महीने बाद भी उसका शव देश नहीं आ सका है।
🔹 मजदूरों की पहचान
दुबई में फंसे मजदूर गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिलों के निवासी हैं।
ये सभी ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए गए थे।
🔹 सरकार से उम्मीद
मजदूरों ने केंद्र और राज्य सरकार से मदद मांगी है।
Dubai Migrant Workers Crisis का जल्द समाधान जरूरी बताया जा रहा है।
🔹 निष्कर्ष
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा नीति जरूरी है।
Dubai Migrant Workers Crisis ने इस जरूरत को फिर उजागर किया है।




