🔹 Eastern Nagaland Agreement पर पीएम का बयान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझौते को ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने कहा कि Eastern Nagaland Agreement विकास की रफ्तार बढ़ाएगा।
🔹 त्रिपक्षीय समझौता किसके बीच
यह समझौता केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और
ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन के बीच हुआ।
🔹 किन जिलों को मिलेगा लाभ
समझौता छह पूर्वी जिलों के लिए अहम माना जा रहा है।
इनमें तुएनसांग, मोन, किफिरे, लोंगलेन्ग, नोकलाक और शमाटोर शामिल हैं।
🔹 एफएनटीटीए का गठन
Eastern Nagaland Agreement के तहत
फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी का गठन होगा।
इसे 46 विषयों पर अधिकार दिए जाएंगे।
🔹 विकास को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे अवसर और समृद्धि बढ़ेगी।
उन्होंने पूर्वोत्तर में शांति और समावेशी विकास पर जोर दिया।
🔹 अमित शाह की मौजूदगी
समझौता केंद्रीय गृहमंत्री
अमित शाह की उपस्थिति में हुआ।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी मौजूद थे।
🔹 संवैधानिक प्रावधान सुरक्षित
समझौते से अनुच्छेद 371(ए) प्रभावित नहीं होगा।
यह प्रावधान नागालैंड की विशेष पहचान से जुड़ा है।
🔹 पूर्वोत्तर में शांति की पहल
अमित शाह ने इसे विवाद मुक्त पूर्वोत्तर की दिशा में कदम बताया।
उन्होंने कहा कि 2019 से अब तक कई अहम समझौते हुए हैं।
🔹 आगे की राह
Eastern Nagaland Agreement से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
अब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखने की उम्मीद है।




