मध्य प्रदेश में ‘एक बगिया माँ के नाम’ परियोजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण सुधार का माध्यम बनी

0
297

‘एक बगिया माँ के नाम’ परियोजना का उद्देश्य

भोपाल: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू की गई ‘एक बगिया माँ के नाम’ परियोजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण सुधार का माध्यम बन रही है। योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगा रही हैं, जिससे उन्हें आय का नया स्रोत प्राप्त होगा।

पंजीयन और वित्तीय सहायता

अब तक 10,162 महिलाओं को योजना के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रदेश सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पौधों की खरीद, फेंसिंग, खाद, गड्ढे खोदने और 50,000 लीटर जल कुंड निर्माण तक की सहायता प्रदान की जा रही है।

डिजिटल निगरानी और प्रशिक्षण

परियोजना में ड्रोन और सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग करके पौधरोपण और सिंचाई की निगरानी की जाएगी। वर्ष में दो बार महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक से न्यूनतम 100 हितग्राहियों का चयन किया गया है।

व्यापक पहुंच और लक्ष्य

प्रदेश में 313 ब्लॉकों की 9,662 ग्राम पंचायतों के 10,162 गांवों में परियोजना का संचालन किया जा रहा है। अब तक 40,406 महिलाओं ने पंजीयन कराया है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

31,300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में हरियाली और फलोत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट जिलों, जनपद और ग्राम पंचायतों को पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here