संकाय सदस्यों को नवोन्मेषी कार्यों की सुरक्षा के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया

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कठुआ 06 मार्च (हि.स.)। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज कठुआ के कंप्यूटर विज्ञान विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल ने राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान भारत सरकार नागपुर के सहयोग से “बौद्धिक संपदा अधिकार पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग” पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया।

राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य विशेष रूप से पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग के महत्व और प्रक्रिया पर संकाय सदस्यों को शिक्षित और सशक्त बनाना था। नागपुर से कुमार राजू पेटेंट और डिजाइन के सहायक नियंत्रक ने इस कार्यक्रम के लिए सम्मानित संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य किया। उनके व्यावहारिक व्याख्यान में आईपीआर की मूलभूत अवधारणाओं, पेटेंट पर विस्तृत जानकारी और अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए पेटेंट दाखिल करने के प्रक्रियात्मक पहलुओं को शामिल किया गया। उन्होंने संकाय सदस्यों को अपने नवोन्मेषी कार्यों की सुरक्षा के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला की शुरुआत राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ की प्रिंसिपल प्रोफेसर सीमा मीर के स्वागत भाषण से हुई। अपने भाषण में उन्होंने प्रौद्योगिकी साझाकरण और नवाचार को बढ़ावा देने में आईपीआर की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और संकाय विकास के लिए ऐसी कार्यशालाओं की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोफेसर मीर ने संकाय को आईपीआर ज्ञान के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया। कुमार राजू की व्यापक प्रस्तुति ने आईपीआर परिदृश्य की स्पष्ट समझ प्रदान की, विशेष रूप से पेटेंट फाइलिंग की पेचीदगियों पर ध्यान केंद्रित किया। कंप्यूटर एप्लीकेशन में सहायक प्रोफेसर दीपक गुप्ता ने कार्यक्रम की कार्यवाही का कुशलतापूर्वक संचालन किया।

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