🔹 Fake Loan App Fraud का खुलासा
फिरोजाबाद में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है।
Fake Loan App Fraud करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
🔹 साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई
थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तीन आरोपी लोन रिकवरी के नाम पर धमकी देते थे।
दो आरोपी फर्जी तरीके से सिम बेचने का काम करते थे।
यह कार्रवाई समन्वय और प्रतिबिम्ब पोर्टल की शिकायतों पर हुई।
🔹 गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार अभियुक्त सिरसागंज और आसपास के क्षेत्रों के हैं।
इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप और थम्ब इम्प्रेशन मशीन मिली।
भारी संख्या में सिम कार्ड भी बरामद किए गए।
Fake Loan App Fraud के ठोस सबूत हाथ लगे।
🔹 ठगी का पूरा तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया।
उन्होंने फर्जी कंपनी बनाकर नकली लोन एप लॉन्च किए।
एप डाउनलोड होते ही फोन का पूरा डेटा एक्सेस कर लिया जाता था।
इसके बाद ऊंची ब्याज दर पर रिकवरी शुरू होती थी।
Fake Loan App Fraud में फोटो एडिट कर ब्लैकमेल किया जाता था।
डर के कारण पीड़ित मनचाही रकम दे देते थे।
🔹 800 से अधिक लोग शिकार
आरोपियों ने कबूल किया कि वर्षों से यह धंधा चल रहा था।
अब तक करीब 800 लोगों को ठगा जा चुका है।
रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
फिर पीड़ितों के नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
🔹 फर्जी सिम से नेटवर्क मजबूत
गिरोह के दो सदस्य मजदूरों और अशिक्षित लोगों को निशाना बनाते थे।
सिम चालू कर देने का झांसा देकर सिम अपने पास रख लेते थे।
इन सिम को ऊंचे दामों पर रिकवरी एजेंटों को बेचा जाता था।
इससे Fake Loan App Fraud और मजबूत होता गया।
🔹 पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अनजान लोन एप से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।
🔹 निष्कर्ष
Fake Loan App Fraud डिजिटल युग का बड़ा खतरा बन चुका है।
समय पर शिकायत ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है।




