राम मंदिर शिखर पर आखिर किस ‘धर्म ध्वज’ ने इतिहास लिखने की तैयारी कर दी?

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अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण से ठीक पहले ‘Dharma Dhwaja’ की पहली तस्वीरें सामने आईं।

Dharma Dhwaja – 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े

ध्वज का डिज़ाइन अहमदाबाद के एक विशेषज्ञ ने विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रख तैयार किया।

इसका भार दो से तीन किलोग्राम है, पर इसकी प्रतीकात्मकता उससे कहीं भारी मानी जा रही है।

इसमें अंकित दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज, पराक्रम और दिव्य सत्ता का संकेत देता है।

‘ॐ’ चिन्ह और कोविदारा वृक्ष इसकी आध्यात्मिक ऊर्जा को और अधिक शक्तिशाली बनाते हैं।

यह पवित्र ध्वज पारंपरिक नागर शैली में बने मंदिर के 161 फुट ऊँचे शिखर पर फहराया जाएगा।

मंदिर को घेरता 800 मीटर का परकोटा दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली की भव्यता भी दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पूर्व सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद, फूलों से सजे मार्ग और नियंत्रित प्रवेश की तैयारी की गई है।

सुरक्षा कारणों से मोबाइल फोन मंदिर परिसर में बिल्कुल निषिद्ध कर दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं और पुजारियों ने इस दिन को ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

एक भक्त ने बताया कि आज पहली बार उन्हें लगा कि श्रीराम सच में उनके सामने उपस्थित हैं।

दूसरे भक्त ने इसे हिंदू राष्ट्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा के साकार रूप के रूप में देखा।

काशी और कई शहरों से भक्त इस अद्वितीय अवसर के साक्षी बनने अयोध्या पहुँच चुके हैं।

पुजारी भोला पटवा ने 1971 की प्रार्थना याद करते हुए आज को अपने जीवन का पूर्ण क्षण बताया।

एक अन्य पुजारी ने योगी सरकार और प्रधानमंत्री के प्रयासों को अभूतपूर्व समर्पण का उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते आम जनता को 2:30 बजे तक प्रवेश से रोका जाएगा।

इसके बाद नियमित दर्शन पुनः आरंभ होंगे और भीड़ को ध्यान में रख समय बढ़ाया जा सकता है।

अन्य शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और मार्ग परिवर्तन के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई।

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