🔥 फुरफुरा शरीफ पर सियासी नजरें
Furfura Sharif Politics एक बार फिर सुर्खियों में है। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच जनता उन्नयन पार्टी के चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर आज फुरफुरा शरीफ का दौरा कर रहे हैं। उनके इस कदम को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
🕌 संभावित मुलाकातें
सूत्रों के अनुसार, हुमायूं कबीर फुरफुरा शरीफ पहुंचकर पीरजादा तोहा सिद्दीकी से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा आईएसएफ प्रमुख अब्बास सिद्दीकी से भी उनकी भेंट की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
🗳️ चुनावी रणनीति का हिस्सा
जुम्मे की नमाज़ के बाद हुमायूं कबीर स्थानीय लोगों से संवाद और जनसंपर्क अभियान भी चला सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
⚖️ जटिल समीकरण
तोहा सिद्दीकी को अब तक तृणमूल कांग्रेस के क़रीब माना जाता रहा है, जबकि उन्होंने पहले हुमायूं कबीर द्वारा धर्म के राजनीतिक उपयोग की आलोचना भी की थी। ऐसे में दोनों की संभावित मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।
📊 अल्पसंख्यक वोट बैंक
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी लगभग 27–30% है और करीब 90 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव निर्णायक है। हुगली, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में फुरफुरा शरीफ की धार्मिक और सामाजिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।




