गंगा दशहरा पर पंचगंगा घाट में विशेष आयोजन
वाराणसी में गंगा दशहरा के अवसर पर पंचगंगा घाट पर मां गंगा के पूजन, दुग्धाभिषेक और जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अविरल, निर्मल और नैसर्गिक गंगा के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
संत-महात्माओं की मौजूदगी में हुआ गंगा पूजन
रामा दल, काशी महानगर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संत-महात्माओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की पूजा और आरती की गई।
बाबा कालभैरव की भव्य आरती और श्रृंगार
कार्यक्रम से पूर्व काशी के कोतवाल माने जाने वाले कालभैरव मंदिर में भव्य मंगला आरती और श्रृंगार का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत पंडित वैभव दूबे की ओर से विशेष पूजा संपन्न कराई गई।
मां गंगा भारतीय संस्कृति की प्रतीक : स्वामी जीतेन्द्रानंद
स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और जीवनधारा की प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।
श्रद्धालुओं और अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम में रामा दल, काशी महानगर के अध्यक्ष साहिल सोनकर, महामंत्री गौरव मालवीय और अर्जित श्रीवास्तव सहित कई पदाधिकारियों ने संतों, श्रद्धालुओं और अतिथियों का स्वागत किया।
गंगा संरक्षण का दिया संदेश
आयोजकों ने कहा कि गंगा संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि पर्यावरण और मानवता से जुड़ा बड़ा दायित्व है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को गंगा स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।


