पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुरीगंगा नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित गंगासागर सेतु की आधारशिला रखी। इस पुल के निर्माण से सागर द्वीप को पहली बार स्थायी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
करीब 5 किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला यह पुल लगभग 1670 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। यह पुल काकद्वीप को सागर द्वीप से जोड़ेगा, जो हुगली नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित है।
🌊 गंगासागर मेले को मिलेगा बड़ा लाभ
सागर द्वीप पर हर वर्ष मकर संक्रांति (14 जनवरी) के अवसर पर गंगासागर मेला आयोजित होता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और कपिल मुनि मंदिर में पूजा के लिए पहुंचते हैं।
अब तक सागर द्वीप तक पहुंचने का एकमात्र साधन फेरी सेवा थी, जो ज्वार-भाटा और भीड़ के कारण कई बार बाधित हो जाती थी। गंगासागर सेतु बनने से तीर्थयात्रा तेज, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगी।
🏗️ एलएंडटी बनाएगी पुल
आधारशिला समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और लार्सन एंड टूब्रो (L&T) लिमिटेड के बीच परियोजना से जुड़े दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान हुआ। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य एलएंडटी द्वारा किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, पुल का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा किए जाने की योजना है।
🚧 क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
गंगासागर सेतु न केवल तीर्थयात्रियों के लिए बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे सागर द्वीप और दक्षिण 24 परगना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।




