🔹 पाँच साल का इंतज़ार
Ghatal Bridge Delay अब इलाके की बड़ी समस्या बन गया है।
2021 में शिलान्यास के बाद भी पुल अधूरा पड़ा है।
🔹 बढ़ती लागत और धीमा काम
परियोजना की लागत समय के साथ बढ़ती चली गई।
इसी कारण Ghatal Bridge Delay और गंभीर हुआ।
🔹 प्रशासन की चेतावनी बेअसर
कई जिलाधिकारियों ने ठेकेदार को चेतावनी भी दी।
फिर भी Ghatal Bridge Delay में कोई सुधार नहीं हुआ।
🔹 जमीन विवाद ने रोका काम
अंडरपास और एप्रोच रोड जमीन विवाद में फंसे हैं।
इससे Ghatal Bridge Delay और लंबा खिंच गया।
🔹 फेरी सेवा बनी मजबूरी
लोगों को आज भी नदी पार करने के लिए फेरी लेनी पड़ती है।
यह स्थिति Ghatal Bridge Delay की असल तस्वीर दिखाती है।
🔹 आम जनता पर बोझ
हर दिन यात्रियों को पैसे और समय दोनों गंवाने पड़ते हैं।
इससे Ghatal Bridge Delay जनता पर भारी पड़ रहा है।
🔹 राजनीतिक वादे अधूरे
शिलान्यास के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे।
अब Ghatal Bridge Delay उन वादों पर सवाल उठाता है।
🔹 उद्घाटन की प्रतीक्षा
पुल का एक-तिहाई काम अभी भी बाकी है।
इसलिए Ghatal Bridge Delay कब खत्म होगा, कहना मुश्किल है।




