📌 लखनऊ में गोमती दर्शन यात्रा का समापन
लखनऊ में माँ गोमती नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर निकाली गई गोमती दर्शन यात्रा का समापन कुड़िया घाट पर हुआ। यह यात्रा 28 मार्च को पीलीभीत से शुरू होकर कई जिलों से गुजरते हुए राजधानी पहुंची।
📌 संरक्षण को लेकर दिया बड़ा संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि नदियाँ मानव जीवन का आधार हैं और माँ गोमती जैसी पावन नदी का संरक्षण जनमानस और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
📌 कई जिलों से होकर गुजरी यात्रा
यह यात्रा पीलीभीत के माधव टांडा से शुरू होकर शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर होते हुए लखनऊ के चंद्रिका देवी मंदिर पहुंची और कुड़िया घाट पर समाप्त हुई।
📌 धार्मिक माहौल में हुआ समापन
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन और हवन के साथ हुई। भक्ति गीतों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस दौरान जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया।
📌 जनजागरण का बना माध्यम
विशिष्ट अतिथियों ने कहा कि यह यात्रा अब एक बड़े जनजागरण अभियान का रूप ले चुकी है। वक्ताओं ने बताया कि गोमती नदी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों की जीवनरेखा है और इसका संरक्षण प्रदेश के भविष्य से जुड़ा है।



