जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील
भोपाल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि अब समाज का झुकाव जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है, जो एक शुभ संकेत है। किसानों को जैविक और पर्यावरण हितैषी खेती पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करें।
राज्यपाल गुरुवार को सीहोर प्रवास के दौरान रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय में कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बनी रहती है
राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती भूमि की सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी है। उन्होंने किसानों से वर्मी कंपोस्ट और जैव उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे उन्नत बीज और नई तकनीकों पर शोध कर किसानों की आय बढ़ाने में योगदान दें।
विद्यार्थियों और युवाओं को दिया संदेश
राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे शोध, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित रहें। उन्होंने युवाओं से जंक फूड से दूरी बनाकर पौष्टिक आहार अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मशरूम जैसी पौष्टिक फसलें न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं बल्कि किसानों की आमदनी का नया स्रोत बन सकती हैं।
प्रकृति का पोषण ही सच्चा विकास
राज्यपाल ने कहा कि मध्य प्रदेश वन संपदा से समृद्ध राज्य है। हमें इसका संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की — “हर व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पेड़ अवश्य लगाए।”
उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि पोषण करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और समृद्ध वातावरण मिल सके।
कृषि मंत्री ने बताई योजनाओं की जानकारी
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रदेश में किसानों की भलाई के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो रही है।




