आज भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्ष 2026 के प्रवेशोत्तर वर्ष के छात्रों को अपने स्नातकोत्तर डिग्री दीं और अन्य पुरस्कार भी प्रदान किये।
भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिया उद्धार्मिक भाषण
भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने स्नातकोत्तर डिग्री और अन्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। उनके भाषण में उन्होंने भाषा की महत्ता पर जोर दिया और छात्रों को अपनी भाषा के साथ जुड़कर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भाषा भारत की एकता और अखंडता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसलिए, हमें अपनी भाषा की रक्षा करनी चाहिए।
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों की सूची
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह के दौरान, 2026 के प्रवेशोत्तर वर्ष के छात्रों को अपने स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की गई। स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों की सूची में निम्नलिखित शामिल हैं:
* रोहन शर्मा (हिंदी विभाग)
* प्रियंका मिश्रा (अंग्रेजी विभाग)
* सुमित कुमार (संस्कृत विभाग)
* दिव्या गोयल (भारतीय साहित्य विभाग)
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह में अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए गए
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह के दौरान, अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों में शामिल हैं:
* भाषा सेवा पुरस्कार: इस पुरस्कार को प्रो. अनिल कुमार शर्मा को प्रदान किया गया, जिन्होंने भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
* शिक्षा सेवा पुरस्कार: इस पुरस्कार को श्री रामस्वरूप को प्रदान किया गया, जिन्होंने भाषा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल थे। उन्होंने अपने स्नातकोत्तर डिग्री और अन्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया और भाषा की महत्ता पर जोर दिया।
निष्कर्ष
भारतीय भाषा संस्थान के दीक्षांत समारोह एक महत्वपूर्ण आयोजन था, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्ष 2026 के प्रवेशोत्तर वर्ष के छात्रों को अपने स्नातकोत्तर डिग्री दीं और अन्य पुरस्कार भी प्रदान किये। भाषा की महत्ता पर जोर देते हुए, उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा के साथ जुड़कर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।


