हरियाणा के गुरुग्राम में उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण को लेकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने सख्त रुख अपनाया है। निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी शिकायत या नियामक आदेश के अनुपालन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
⚡ 21 दिन में आदेश लागू करना होगा
नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत CGRF (Consumer Grievance Redressal Forum), ओम्बुड्समैन और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) द्वारा दिए गए सभी आदेशों को 21 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
🖥️ शिकायतें अब सिर्फ पोर्टल से
अब उपभोक्ता शिकायतें केवल DHBVN के CGRF IT पोर्टल के माध्यम से ही दर्ज होंगी। शिकायत की राशि और प्रकृति के अनुसार वह स्वतः संबंधित फोरम को भेज दी जाएगी। मैनुअल या गैर-वैधानिक प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गई है।
🧾 हर स्तर पर तय जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में
- SDO
- Executive Engineer
- Superintending Engineer
- Chief Engineer
सभी के लिए आदेशों के पालन की स्पष्ट समयसीमा और जिम्मेदारी तय की गई है। कानूनी राय के नाम पर देरी को अब बहाना नहीं माना जाएगा।
⚠️ लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
विक्रम सिंह ने कहा कि यदि किसी अधिकारी की वजह से आदेशों के अनुपालन में देरी होती है तो उसके खिलाफ –
- विभागीय कार्रवाई
- वेतन वृद्धि रोकना
- आर्थिक हानि की वसूली
- और दंडात्मक कार्रवाई
की जाएगी। आयोग या अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने की भरपाई भी दोषी अधिकारियों से की जाएगी।
📊 नियमित समीक्षा व्यवस्था
निगम ने निगरानी के लिए
- साप्ताहिक (XEN स्तर),
- पखवाड़ा (SE स्तर),
- मासिक (CE स्तर),
- और त्रैमासिक (WTD स्तर)
समीक्षा बैठक अनिवार्य कर दी है।




