🔹 गुरुग्राम में गूंजे Kaushik Ji Maharaj के प्रवचन
गुरुग्राम के सोहना अड्डा स्थित ओल्ड जेल कॉम्पलेक्स में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा एवं गोमहोत्सव के तीसरे दिन Kaushik Ji Maharaj ने श्रद्धालुओं को संस्कृति और शिवभक्ति का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि यदि हमें अच्छे लोगों का साथ चाहिए तो स्वयं भी अच्छा बनना होगा।
🔹 संस्कृति से दूरी ही कष्ट का कारण
Kaushik Ji Maharaj ने कहा कि लोग अपनी सनातन संस्कृति से दूर हो रहे हैं, यही उनके कष्टों का कारण है।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि जो उनकी पूजा करता है, उसमें और भगवान में कोई भेद नहीं रहता।
🔹 शिव पूजा से मिटेंगे क्लेश
उन्होंने आह्वान किया कि यदि घर में क्लेश नहीं चाहते तो भगवान शिव की नियमित पूजा करें।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी को व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का संदेश दिया।
🔹 सेवा में न हो दिखावा
Kaushik Ji Maharaj ने कहा कि भगवान और इंसान की सेवा बिना दिखावे के होनी चाहिए।
उन्होंने कांसे की थाली के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कई पारंपरिक विधियों की जानकारी दी।
🔹 सनातन परंपरा का सम्मान
उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं की सेवा में लगे लोगों का सम्मान करना ही भगवान महादेव की सेवा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म के मार्ग पर चलने और नकारात्मक लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की।
महाशिवरात्रि से पहले हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा।
Kaushik Ji Maharaj के प्रवचन ने भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा और संस्कृति के प्रति जागरूकता का संचार किया।


