ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा एवं खरीफ 2026 की तैयारियों के लिये समीक्षा बैठक
ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 के दौरान किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रयास किए। इस वर्ष कृषि विभाग ने खेती को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय था किसानों को बेहतर मूल्य पर उनकी फसलें बेचने का मौका देना।
कृषि विभाग की ओर से प्रयास
ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि विभाग ने किसानों को बेहतर मूल्य पर उनकी फसलें बेचने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं के तहत किसानों को अपनी फसलें राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित मंडियों में बेचने का मौका मिला। इससे किसानों को उनकी फसलों के लिए बेहतर मूल्य मिला और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी।
खरीफ 2026 की तैयारियां शुरू
अब खरीफ 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष कृषि विभाग ने किसानों को खरीफ मौसम की फसलों के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को खरीफ मौसम की फसलों के लिए विशेष रूप से समर्थन मूल्य दिया जाएगा। इससे किसानों को अपनी खरीफ मौसम की फसलों को बढ़ावा देने का मौका मिलेगा।
किसानों की समस्याओं का समाधान
ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 के दौरान किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। इन समस्याओं में से एक था किसानों को अपनी फसलों के लिए बेहतर मूल्य नहीं मिल पाना। इसके अलावा, किसानों को अपनी फसलों की कटाई और बिक्री के लिए भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कृषि विभाग ने इन समस्याओं का समाधान करने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।
समीक्षा बैठक
आज ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा एवं खरीफ 2026 की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी और किसान उपस्थित थे। इस बैठक में कृषि विभाग ने रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा की और खरीफ 2026 की तैयारियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
निष्कर्ष
ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा एवं खरीफ 2026 की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि विभाग ने रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा की और खरीफ 2026 की तैयारियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। कृषि विभाग ने किसानों को बेहतर मूल्य पर उनकी फसलें बेचने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरी और उनकी फसलों को बढ़ावा मिला।



