📚 ग्वालियर में शिक्षा सुधार की नई पहल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव दिख रहा है।
यह बदलाव कलेक्टर रुचिका चौहान की अभिनव पहल से संभव हुआ है।
🎯 “शिक्षा मित्र” अभियान बना प्रेरणा
Shiksha Mitra Campaign Gwalior का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाना है।
इस अभियान के तहत बच्चों को कुर्सी-टेबल उपलब्ध कराई जा रही हैं।
🤝 जन सहयोग से शुरू हुई पहल
इस नवाचार की शुरुआत कलेक्टर रुचिका चौहान के व्यक्तिगत एक लाख रुपये के योगदान से हुई।
इसके बाद अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने स्वेच्छा से सहयोग किया।
🏫 सरकारी स्कूलों को मिली प्राथमिकता
अभियान में उन शासकीय स्कूलों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां बैठने की सुविधा नहीं थी।
लक्ष्य है कि हर बच्चा सम्मानजनक वातावरण में पढ़ सके।
🪑 अब तक 3000 से अधिक कुर्सी-टेबल
प्रशासन के अनुसार अब तक 1500 से अधिक कुर्सी-टेबल स्कूलों में भेजी जा चुकी हैं।
इतनी ही संख्या में कुर्सी-टेबल निर्माणाधीन या तैयार अवस्था में हैं।
🌱 शिक्षा को बनाया सामाजिक जिम्मेदारी
Shiksha Mitra Campaign Gwalior ने शिक्षा को सामूहिक सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित किया है।
जन सहयोग से प्रशासन और समाज की साझेदारी मजबूत हुई है।
⭐ अन्य जिलों के लिए मॉडल
कलेक्टर रुचिका चौहान का यह नवाचार अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
यह साबित करता है कि छोटे प्रयास भी बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
📢 निष्कर्ष
“शिक्षा मित्र” अभियान ने ग्वालियर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।
यह पहल बच्चों के भविष्य में मजबूत नींव रखने का कार्य कर रही है।




