🔹 Hanna Joseph Hospital IPO की कमजोर एंट्री
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनी हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल ने बाजार में निराशाजनक शुरुआत की।
Hanna Joseph Hospital IPO निवेशकों को पहले दिन ही नुकसान झेलना पड़ा।
🔹 डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग
कंपनी के शेयर 70 रुपये के इश्यू प्राइस पर आए थे।
हालांकि, लिस्टिंग 7.14 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 65 रुपये पर हुई।
इसके बाद बिकवाली बढ़ी और शेयर 61.75 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
इस गिरावट से Hanna Joseph Hospital IPO चर्चा में आ गया।
🔹 अपर सर्किट के बावजूद नुकसान
कुछ देर बाद खरीदार सक्रिय हुए और शेयर 68.25 रुपये तक उछल गया।
इसके बावजूद, IPO निवेशक करीब 2.50 प्रतिशत के नुकसान में रहे।
🔹 आईपीओ को मिला औसत रिस्पॉन्स
42 करोड़ रुपये का Hanna Joseph Hospital IPO 22 से 28 जनवरी तक खुला था।
कुल मिलाकर यह इश्यू 1.54 गुना सब्सक्राइब हुआ।
QIB पोर्शन 1.08 गुना और NII पोर्शन 1.98 गुना भरा।
रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.62 गुना सब्सक्राइब हुआ।
🔹 फंड का उपयोग कहां होगा
आईपीओ के जरिए 60 लाख नए शेयर जारी किए गए।
इस राशि का उपयोग रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर और कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।
🔹 वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती
कंपनी का शुद्ध लाभ लगातार बढ़ा है।
FY23 में लाभ 1.01 करोड़ था, जो FY25 में 7.21 करोड़ पहुंच गया।
राजस्व भी FY23 के 54.90 करोड़ से बढ़कर FY25 में 77.90 करोड़ हुआ।
इससे Hanna Joseph Hospital IPO की दीर्घकालीन क्षमता दिखती है।
🔹 कर्ज और रिजर्व की स्थिति
कर्ज में धीरे-धीरे कमी आई है।
वहीं, रिजर्व और सरप्लस में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
🔹 निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि लिस्टिंग कमजोर रही।
हालांकि, मजबूत वित्तीय आंकड़े लंबी अवधि में सहारा दे सकते हैं।




