हरिद्वार, 21 मार्च (हि.स.)। पंजाब, हरियाणा सीमा पर धरना दे रहे किसानों को पंजाब सरकार द्वारा हटाने पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने रोशनाबाद स्थित जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया।
एडीएम को ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार डरा धमकाकर आंदोलन को दबा रही। पिछले 13 महीनों से किसान अपने फसल के दाम बढ़वाने के लिए धरना दे रहे थे, जिन्हें पंजाब सरकार ने मारपीट कर उठा दिया। पूरे देश में इस कार्यवाही के प्रति किसानों में आक्रोश है। सरकार को पूंजीपतियों की चिंता है। बलपूर्वक किसानों का धारणा समाप्त करवाया गया, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
सूबा सिंह ढिल्लो ने कहा कि जिसने भी किसानों के साथ मारपीट, अभद्रता की है उनके खिलाफ कार्यवाही हो। किसान सरकार से वार्ता करने दिल्ली जा रहे थे, जिन्हें पंजाब, हरियाणा सीमा पर रोका गया। धरने पर बैठने किसानों की मजबूरी थी। किसानों को बदनाम किया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब आरपार की लड़ाई होगी। किसान अन्नदाता है और अन्नदाता के साथ योजनाबद्ध तरीके से मारपीट, तोड़फोड़ ठीक नहीं है। किसानों से किसी को खतरा नहीं था।
कहा कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार की कठपुतली के तौर पर कार्य कर रही। सरकारें किसानों की बात नहीं सुन रही। इस तरह से आंदोलन काे दबाया नहीं जा सकता। किसानों का रास्ता सरकार ने रोका हुआ था।
इस अवसर पर बाबा पंडत, वेदपाल पंवार, लव कुमार, हरि यादव, आकाश सचदेवा, जोगेंद्र सिंह, प्रदीप चौधरी, गुरविंदर सिंह, सुशील मलिक, कालूराम, अनुज बेनीवाल, संजीव आदि शामिल थे।