हिमाचल में बढ़ा जंगलों में आग का संकट
हिमाचल प्रदेश में जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गर्मी, सूखी हवाओं और लंबे शुष्क मौसम के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कई जिलों में धधकते जंगल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।
43 दिनों में 258 आग की घटनाएं
वन विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से अब तक जंगलों में आग की 258 घटनाएं दर्ज की गई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार घटनाओं की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। जंगलों में आग के कारण हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
कसौली में सेना को संभालना पड़ा मोर्चा
सोलन जिले के कसौली क्षेत्र में जंगलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग तेजी से फैलने लगी तो प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी। हेलीकॉप्टर से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
मंडी और धर्मशाला सबसे ज्यादा प्रभावित
जंगलों में आग की सबसे अधिक घटनाएं मंडी और धर्मशाला क्षेत्रों में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा नाहन, शिमला, सोलन और चंबा में भी आग से व्यापक नुकसान हुआ है।
करोड़ों की संपत्ति प्रभावित
मार्च और अप्रैल के दौरान आगजनी की सैकड़ों घटनाएं सामने आईं। जंगलों में आग और अन्य आगजनी की घटनाओं से करोड़ों रुपये की संपत्ति प्रभावित हुई है। हालांकि राहत टीमों ने समय रहते कई क्षेत्रों को बचाने में सफलता हासिल की।
प्रशासन ने जारी की अपील
वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग फैलाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि छोटी सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती है। जंगलों में आग की किसी भी घटना की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की सलाह दी गई है।
बढ़ती गर्मी से बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।



