भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल

0
17
भारतीय उच्च शिक्षा समारोह शिमला में

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल

शिमला, 10 जुलाई 2026 – भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने दावत-ए-शिमला का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के छात्रों द्वारा किया गया था, जिन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक साथ मिलकर काम किया।

शिमला की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शिमला की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संस्थान के छात्रों को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक रहना चाहिए और इसके संरक्षण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान का हिस्सा है और इसके संरक्षण से हम अपनी पहचान को बचा सकते हैं।

दावत-ए-शिमला का उद्घाटन

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने दावत-ए-शिमला का उद्घाटन किया, जो एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के छात्रों द्वारा किया गया था, जिन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक साथ मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अपनी क्षमताओं का पता चलेगा और वे अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम करेंगे।

शिमला की विरासत को बचाने की जरूरत

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शिमला की विरासत को बचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति के प्रति जागरूक रहना चाहिए और इसके संरक्षण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिमला की विरासत को बचाने से हम अपनी पहचान को बचा सकते हैं और अपनी संस्कृति को मजबूत बना सकते हैं।

शिमला के छात्रों को प्रोत्साहन

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिमला के छात्रों को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए और अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए।

निष्कर्ष

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने दावत-ए-शिमला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शिमला की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए हमें काम करना चाहिए। उन्होंने शिमला के छात्रों को प्रोत्साहन दिया और कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करेंगे।