हिमाचल में वाहन परमिट शुल्क बढ़ाने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। परिवहन विभाग ने नए नियमों का मसौदा जारी करते हुए आम जनता, वाहन मालिकों और परिवहन संगठनों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
बस और निजी वाहनों पर बढ़ेगा शुल्क
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, बसों के नियमित वाहन परमिट शुल्क को 1,500 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं अस्थायी परमिट के लिए 750 रुपये शुल्क देना पड़ सकता है। निजी सेवा वाहनों और अन्य मंजिली गाड़ियों के लिए भी शुल्क बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
मालवाहक वाहनों के लिए नई दरें
मसौदे में हल्के मालवाहक वाहनों के लिए वाहन परमिट शुल्क 200 रुपये तथा अस्थायी परमिट के लिए 100 रुपये प्रस्तावित किया गया है। मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के लिए भी नई शुल्क दरें निर्धारित की गई हैं।
हर दो साल में स्वतः बढ़ेगा शुल्क
नए प्रस्ताव का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि वाहन परमिट शुल्क में हर दो वर्ष बाद स्वतः 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके लिए अलग से संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। इससे भविष्य में शुल्क लगातार बढ़ सकता है।
30 दिन में दें सुझाव और आपत्तियां
सरकार ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। वाहन परमिट शुल्क से जुड़े इस प्रस्ताव पर नागरिक, वाहन मालिक और परिवहन संगठन 30 दिनों के भीतर अपनी राय भेज सकते हैं। सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
परमिट प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
नए नियम लागू होने पर वाहन परमिट शुल्क जमा करने का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। आवेदकों को ऑनलाइन भुगतान रसीद, नकद रसीद या ट्रेजरी चालान प्रस्तुत करना होगा। विभाग का दावा है कि इससे परमिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।
परिवहन क्षेत्र की बढ़ी चिंता
प्रस्तावित वाहन परमिट शुल्क वृद्धि को लेकर परिवहन कारोबारियों की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में जनता और संगठनों की प्रतिक्रिया इस निर्णय को प्रभावित कर सकती है।



