12 मार्च का ऐतिहासिक महत्व
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में 12 मार्च का इतिहास बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी दिन 1930 में महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक दांडी यात्रा की शुरुआत की थी।
साबरमती आश्रम से शुरू हुई यात्रा
दरअसल, 12 मार्च का इतिहास उस समय बना जब गांधीजी ने साबरमती आश्रम से यात्रा शुरू की।
यह यात्रा नमक कानून के विरोध में सविनय अवज्ञा आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
24 दिनों तक चली ऐतिहासिक पदयात्रा
इतिहासकारों के अनुसार 12 मार्च का इतिहास 24 दिनों तक चली इस यात्रा से जुड़ा हुआ है।
गांधीजी और उनके साथियों ने पैदल यात्रा करते हुए गुजरात के दांडी गांव तक सफर तय किया।
नमक कानून तोड़कर दिया संदेश
दांडी पहुंचकर गांधीजी ने समुद्र के पानी से नमक बनाकर ब्रिटिश कानून तोड़ा।
इसी कारण 12 मार्च का इतिहास नमक सत्याग्रह के रूप में भी याद किया जाता है।
देशभर में फैला आंदोलन
दांडी मार्च के बाद पूरे देश में लोगों ने नमक कानून तोड़कर विरोध प्रदर्शन किए।
इस तरह 12 मार्च का इतिहास भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को जनआंदोलन बनाने में अहम साबित हुआ।
ब्रिटिश शासन को मिली चुनौती
इतिहासकारों के अनुसार दांडी मार्च ने ब्रिटिश साम्राज्य को खुली चुनौती दी।



