Hornbill Conservation Mission! उदंती-सीतानदी में बनेंगे ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’

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🐦 Hornbill Conservation की अनोखी पहल

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। Hornbill Conservation के तहत यहां प्राकृतिक “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” विकसित किए जाएंगे।


🌳 क्या है ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’?

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यह कोई कृत्रिम ढांचा नहीं होगा।
Hornbill Conservation के तहत जंगल में पीपल, बरगद और फाइकस प्रजाति के फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा।
इन पेड़ों के फल हॉर्नबिल का मुख्य आहार हैं।


🏞 क्यों जरूरी है यह पहल?

हॉर्नबिल को “जंगल का किसान” और “फॉरेस्ट इंजीनियर” कहा जाता है।
फल खाने के बाद ये बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं।
Hornbill Conservation से वनों का प्राकृतिक विस्तार भी संभव होगा।

समुद्र तल से 800-1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र इनके लिए उपयुक्त आवास बन रहा है।
अब यहां सप्ताह में 2-3 बार इनकी मौजूदगी दर्ज हो रही है।


👥 समुदाय की भागीदारी

घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले और “घोंसला गोद लेने” जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर ट्रैकिंग टीमों में शामिल किया गया है।
ड्रोन तकनीक से शिकार और वनाग्नि पर नजर रखी जा रही है।


🌿 ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

Hornbill Conservation की यह पहल जैव विविधता संरक्षण के साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत करेगी।
पर्यटक सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे।

यह कदम छत्तीसगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।

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