भानुप्रतापपुर में अवैध नकली डीजल की बिक्री पर हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया चक्काजाम

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📍 कांकेर, 5 जून (हि.स.) – छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में गुजरात से लाए गए केमिकल युक्त नकली डीजल की अवैध बिक्री को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार को कार्यकर्ताओं ने कोड़ेजुंग चौक स्थित अस्थायी डीजल बिक्री केंद्र पर पहुंचकर बिक्री को बंद करवाया और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर चक्काजाम कर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए बाध्य किया।

🛢️ क्या है मामला?
कांग्रेस पार्षद पंकज राज वाधवानी के अनुसार, बीते तीन महीनों से नकली डीजल का यह धंधा संचालित किया जा रहा था। गुजरात से लाया गया यह खराब क्वालिटी वाला डीजल, स्थानीय ट्रकों और डोंगर क्षेत्र की खदानों से निकलने वाले वाहनों में कम दरों पर बेचा जा रहा था।

  • ठेकेदार राहुल सिंघल पर आरोप है कि वह 40,000 लीटर की क्षमता वाले टैंकरों से डीजल लाकर 12,000 लीटर के छोटे टैंकरों से उसे विक्रय करता था।
  • उसके पास न लाइसेंस, न फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, न फूड लाइसेंस, न ही ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र है।

🔥 जोखिम और नुकसान

  • इस डीजल की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इससे वाहनों की मशीनरी को नुकसान हो रहा है।
  • पेट्रोल पंप संचालक और ट्रक मालिक भी इस कारण घाटे में हैं।
  • बिना लाइसेंस और सुरक्षा मापदंडों के टैंकरों में डीजल भरने से आगजनी और विस्फोट का खतरा लगातार बना हुआ है।

🚔 प्रशासनिक कार्रवाई
युवक कांग्रेस द्वारा चक्काजाम किए जाने पर प्रशासन हरकत में आया और मौके से दो टैंकर और दो लोडर वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय नागरिकों में कुछ राहत की भावना देखी गई।

👥 प्रमुख नेता और समर्थक रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में पार्षद पंकज राज वाधवानी के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेता जैसे:

  • राजेंद्र दुबे, शोएब अहमद, सत्यार्थ करायत,
  • खोमेंद्र ऊईके, आकाश यादव, चमन साहू,
  • सुमित राय, अर्जुन देवांगन, तारस सिन्हा,
  • शेष गजभिए, अमन गायकवाड, नरेश तुलावी, मनीष दीपक
    सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं ग्रामीण शामिल हुए।

📣 निष्कर्ष:
भानुप्रतापपुर में नकली और खतरनाक डीजल की अवैध बिक्री को रोकने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रभावी प्रदर्शन किया, जिससे प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। यह मामला न केवल आर्थिक नुकसान का है, बल्कि जनसुरक्षा और पर्यावरणीय खतरे का भी है, जिस पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

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