राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वित्तायुक्त ने जारी की 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची

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सूची में सबसे ज्यादा कैथल जिले में तैनात 46 पटवारी भ्रष्टाचार में शामिल

कैथल, 17 जनवरी (हि.स.)‌। हरियाणा के वित्तायुक्त व राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश के 370 भ्रष्ट पटवारियाें की सूची जारी की है। इन भ्रष्ट पटावरियाें में सबसे ज्यादा कैथल जिले के 46 पटवारी शामिल हैं। उन्हाेंने डीसी काे 14 जनवरी काे भेजे गए पत्र क्रमांक ए.आर.एस.-3-2024/256 के अनुसार

जिला कैथल में गुहला तहसील के 3, पूंडरी के 8, ढांड के 8, राजौंद के 4 व तहसील कैथल के 23 पटवारी के नाम दिए गए हैं। इस सूची में पटवारियाें के नाम के आगे उनके

भ्रष्टाचार काे भी अंकित किया गया है कि वह किस प्रकार का कार्याें में लिप्त हैं और किन-किन दस्तावेजाें के लिए लाेगाें से पैसे मांगते हैं।

कैथल के 46 में 23 पटवारियों पर हैं गंभीर आरोप

गुहला, पूंडरी व राजौंद के 23 पटवारी के नाम के आगे लिखा गया है कि यह नकल, इंतकाल, निशानदेही आदि में सीधे पैसे लेते हैं। इनमें से सात पटवारियों ने अपने लिए एक सहायक रख रखा है, जो इनके लिए दलाली का काम भी करते हैं। कैथल के जाे 23 पटवारी भ्रष्टाचार की सूची में शामिल हैं, उनके आगे लिखा गया है कि यह जब भी किसी को अपने मकान, दुकान, प्लाट आदि पर बैंक से लोन लेना होता है, इंतकाल को अटैच्ड करवाना होता है, उसके पैसे लेते हैं। पैमाइस और निशानदेही करने के भी पैसे लेते हैं। खेवट अलग करवाने के पैसे लिये जाते हैं। अगर काेई इन्हें पैसे नहीं देता है ताे सम्बन्धित पटवारी दस्तावेजाें काे अटकाने का काम करते हैं जिससे मजबूरी वश काम करवाने वाले को पैसे देने पड़ते हैं। विरासत के इंतकाल चढ़ाने के भी पैसे लिए जाते हैं। पुराना रिकॉर्ड देखने के आदि कार्याें के लिए लगभग 500 से लेकर 2000 रुपये तक लिये जाते हैं।

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