श्रीलंका में साइक्लोन दित्वा के कारण आई विनाशकारी बाढ़, भूस्खलन और तेज़ बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अब तक 56 लोगों की मौत और 43,991 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। खराब मौसम के चलते हवाई और रेल सेवाएं बाधित हैं। इस कठिन परिस्थिति में भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू करते हुए बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजी है।
🇮🇳 वायु सेना की त्वरित कार्रवाई
भारत की वायु सेना ने 28–29 नवंबर की रात को हिंडन एयर बेस से एक सी-130 और एक आईएल-76 विमान तत्काल रवाना किए।
- 21 टन राहत सामग्री
- 80 से ज्यादा एनडीआरएफ कर्मी
- 8 टन रेस्क्यू उपकरण
आईएल-76 विमान ने शनिवार सुबह 08:10 बजे कोलंबो में लैंड किया। राहत सामग्री में टेंट, कंबल, गद्दे, दवाएं, हाइजीन व डिग्निटी किट जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
वायु सेना के मुताबिक यह मिशन भारत की HADR (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
⚓ नौसेना का समुद्री राहत अभियान
भारतीय नौसेना के आईएनएस विक्रांत और युद्धपोत उदयगिरि पहले ही कोलंबो पहुंचकर राहत का बड़ा कार्गो सौंप चुके हैं।
आईएनएस विक्रांत पर मौजूद दो चेतक हेलीकॉप्टर श्रीलंका एयरफोर्स के साथ मिलकर सर्च और रेस्क्यू अभियान में लगे हैं।
भारतीय मिशन के अनुसार अब तक—
- 4.5 टन सूखा राशन
- 2 टन ताजा खाद्य सामग्री
श्रीलंका को सौंपी जा चुकी है। इसमें रेडी-टू-ईट पैकेज, डेयरी, बेकरी प्रोडक्ट्स और अन्य पोषण सामग्री शामिल है।
🤝 भारत ने दोहराई पड़ोसी सहायता की नीति
भारत ने कहा कि वह अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत श्रीलंका की हर संभव मदद करता रहेगा। राहत कार्यों की कई अगली खेपें भी तैयार हैं।




