ऊर्जा ठिकानों पर हमले की स्थिति में कड़ी चेतावनी
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच Iran की ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने दुनिया को कड़ी चेतावनी दी है।
आईआरजीसी ने कहा है कि यदि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे या बंदरगाहों पर हमला किया गया तो क्षेत्र के तेल और गैस भंडार को आग के हवाले कर दिया जाएगा।
युद्ध के 14वें दिन बढ़ा तनाव
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का यह 14वां दिन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया तो इससे पूरे क्षेत्र के तेल और गैस बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी चर्चा
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा है कि फिलहाल Strait of Hormuz को बंद करने की योजना नहीं है।
हालांकि ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने पहले कहा था कि यह जलमार्ग दबाव बनाने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
नेतन्याहू का दावा
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई हालिया हमले में घायल हो गए हैं और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पा रहे हैं।
क्या है आईआरजीसी
आईआरजीसी को ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्था माना जाता है। इसका गठन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद इस्लामी शासन की सुरक्षा के लिए किया गया था।
यह संगठन सीधे सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह होता है और इसके पास अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना भी है।
कुद्स फोर्स और बासिज इसकी प्रमुख शाखाएं
आईआरजीसी की दो प्रमुख शाखाएं हैं:
- कुद्स फोर्स – विदेशों में सैन्य अभियानों और सहयोगी समूहों को समर्थन देती है।
- बासिज – देश के भीतर अर्धसैनिक स्वयंसेवी बल के रूप में काम करता है।



