ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ विद्रोह अब खुले रूप में सामने आ गया है। महंगाई और दमन के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब सत्ता को सीधी चुनौती दे दी है। देश के दूसरे सबसे पवित्र शहर मशहद में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक का विशाल झंडा उतार दिया, जिसे सत्ता के खिलाफ एक ऐतिहासिक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
🔥 मशहद और खोरासान में हिंसक झड़पें
पूर्वोत्तर ईरान के नॉर्थ खोरासान प्रांत में गवर्नर कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं मशहद में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। वीडियो फुटेज में देखा गया कि लोग “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे हैं।
🔫 दक्षिणी ईरान में गोलीबारी
बुशहर प्रांत के कंगन शहर में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलियां चलाईं। यह घटना अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा पुष्टि किए गए वीडियो से सामने आई है।
✊ बलोच संगठनों का समर्थन
दक्षिण-पूर्वी ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान क्षेत्र के एक बड़े राजनीतिक समूह बलोचिस्तान पीपल्स पार्टी ने देशव्यापी विद्रोह का समर्थन करते हुए हड़ताल और प्रदर्शन तेज करने का आह्वान किया है।
👑 निर्वासित शाहज़ादे की अपील
निर्वासित ईरानी राजकुमार रजा पहलवी ने कहा है कि चाहे सरकार इंटरनेट बंद कर दे, विरोध नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा,
“अगर जरूरत पड़ी तो हम ईरान में लाखों स्टारलिंक भेजेंगे।”
⚠️ अमेरिका की कड़ी चेतावनी
व्हाइट हाउस ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जारी रही तो “बहुत बुरा अंजाम” होगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया है।
📉 अब तक 36 मौतें, 2000 गिरफ्तार
पिछले दस दिनों में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 34 प्रदर्शनकारी और 2 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। करीब 2,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
🏛 सरकार की कमजोरी उजागर
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्वीकार किया है कि सरकार और संसद दोनों ही मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन सुप्रीम लीडर खामेनेई की भूमिका पर चुप्पी बनी हुई है।




