ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ देशव्यापी विद्रोह तेज हो गया है। निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी के आह्वान पर गुरुवार रात लाखों ईरानी नागरिक सड़कों पर उतर आए और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन खामेनेई के गृहनगर मशहद तक फैल गया है।
🔥 कई शहरों में हिंसा, सरकारी इमारतों को आग
Iran protests against Khamenei के दौरान मशहद, तबरीज, अर्दबील, सारी और तेहरान सहित दर्जनों शहरों में सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया। राजधानी तेहरान के घोद्स स्क्वायर पर “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे। कई इलाकों में पूरी रात विरोध जारी रहा।
🌐 इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद
सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए पूरे देश में इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं। नेटवर्क मॉनिटरिंग एजेंसियों के अनुसार यह देशव्यापी डिजिटल ब्लैकआउट है।
🧑🤝🧑 आम हड़ताल और कुर्द क्षेत्रों का समर्थन
कुर्द राजनीतिक दलों के आह्वान पर दर्जनों शहरों में दुकानें बंद रहीं। अजेरी बहुल क्षेत्र तबरीज और अर्दबील भी पहली बार आंदोलन में शामिल हुए।
अब तक
- 36 लोगों की मौत
- 2,000 से अधिक गिरफ्तारियाँ
की पुष्टि हुई है।
🇺🇸 ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों को “बहादुर” बताते हुए तेहरान को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा न की जाए। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एफ-15 लड़ाकू विमानों का स्क्वाड्रन भी तैनात किया है।
🇪🇺 यूरोप का समर्थन
- स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन
- बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर
ने ईरानी आंदोलन को स्वतंत्रता की लड़ाई बताते हुए समर्थन दिया।
🛑 मानवाधिकार संगठनों की निंदा
एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।
🌍 यूरोपीय संसद में पहलवी को मान्यता की मांग
यूरोपीय सांसद चार्ली वाइमर्स ने ईयू नेताओं से रजा पहलवी से बातचीत करने और ईरानी जनता की आवाज़ सुनने की अपील की है।




