ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब खामेनेई शासन के लिए सबसे बड़ा संकट बन चुका है। आठ दिनों से जारी आंदोलन में अब तक कम से कम 19 नागरिक और एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो चुकी है। देशभर में अशांति थमने का नाम नहीं ले रही है और हालात तेजी से नियंत्रण से बाहर होते नजर आ रहे हैं।
🔥 26 प्रांतों में फैली बगावत
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 26 प्रांतों के 78 शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब तक 222 स्थानों पर रातभर प्रदर्शन हो चुके हैं।
पवित्र शहर कोम, जो शिया इस्लाम का गढ़ माना जाता है, वहां भी विरोध की आग पहुंच चुकी है।
⚠️ तेहरान और प्रांतीय शहरों में हिंसा
रविवार को मध्य तेहरान में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़पें हुईं। पश्चिमी शहर मालेकशही में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम पांच प्रदर्शनकारी मारे गए और 30 से अधिक घायल हुए।
यूनिवर्सिटी कैंपस, बाजार और छोटे शहर सरकार विरोधी गतिविधियों के केंद्र बन चुके हैं।
✈️ रूस भागने की तैयारी में खामेनेई?
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) और द टाइम्स के हवाले से आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि
यदि हालात और बिगड़ते हैं तो सुप्रीम लीडर अली खामेनेई देश छोड़ सकते हैं।
इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार:
खामेनेई अपने 20 करीबी सहयोगियों और परिवार के साथ मॉस्को भागने की योजना तैयार कर चुके हैं।
इस सूची में उनका बेटा और संभावित उत्तराधिकारी मोज्तबा खामेनेई भी शामिल है।
🧨 शासन पर सीधा खतरा
महंगाई और रियाल की गिरती कीमत से शुरू हुआ आंदोलन अब
तानाशाही शासन के खिलाफ जनविद्रोह में बदल चुका है।
पांच दशकों में यह पहली बार है जब शिया सत्ता के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में भी खामेनेई के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं।
📌 क्या ईरान में सत्ता बदलने जा रही है?
विश्लेषकों के अनुसार यदि सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड पूरी तरह हालात पर काबू नहीं पा सके, तो ईरान में राजनीतिक भूचाल आ सकता है।




