ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खुली युद्ध चेतावनी में बदल चुका है।
Iran US Conflict उस समय और भड़क गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर कड़ी सैन्य चेतावनी दी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जवाब देते हुए कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर अमेरिका हमला करता है तो वह युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब शासन विरोधी विद्रोह बन चुका है। रिपोर्टों के अनुसार अब तक 2000 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं।
सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है और पूरे देश में सैन्य तैनाती कर दी गई है।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप को तीन विकल्प दिए गए हैं —
सैन्य हमला, साइबर ऑपरेशन या मनोवैज्ञानिक युद्ध।
इस बीच ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों ने ईरान सरकार की कार्रवाई की निंदा की है।
इजराइल में अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि ट्रंप ईरान में नरसंहार नहीं होने देंगे।
ईरान के पुलिस प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि
“अगर अमेरिका दोबारा आया तो उसे पहले से भी कड़ा जवाब मिलेगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट नहीं थमा, तो मध्य-पूर्व एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।




