प्रत्येक जीवात्मा प्रकृति के अधीन है और प्रकृति परमात्मा के अधीन: डॉ. रजनीकांत द्विवेदी

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🙏 जौनपुर में श्रीमद्भागवत कथा का आध्यात्मिक समापन

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वरिष्ठ अधिवक्ता यादवेंद्र चतुर्वेदी के पुरानी बाजार स्थित आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथा व्यास डॉ. रजनीकांत द्विवेदी महाराज ने गूढ़ आध्यात्मिक विचारों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

डॉ. द्विवेदी ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा को प्राप्त करना है, क्योंकि प्रत्येक जीवात्मा प्रकृति के अधीन होती है और प्रकृति स्वयं परमात्मा के अधीन रहती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस भौतिक संसार में स्थायी सुख की खोज करता है, वही वास्तव में दुखी होता है, क्योंकि यह संसार दुखालय है।

🌿 कृष्ण–सुदामा प्रसंग से दिया जीवन का संदेश

कथा के दौरान डॉ. द्विवेदी ने भगवान कृष्ण और सुदामा के चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए सच्ची मित्रता, विनम्रता और भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में कोई अपेक्षा नहीं होती।

👥 गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस आध्यात्मिक आयोजन में राज्य सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव भी श्रद्धालु के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकर नगर के निदेशक डॉ. अनिल त्रिपाठी, जेब्रा अध्यक्ष संजय सेठ, गीतांजलि अध्यक्ष शशि श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और बांके लाल सोनकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

🕉️ पूजन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम से पूर्व मुख्य यजमान जितेंद्र चतुर्वेदी सहित परिवार के सदस्यों ने श्रीमद्भागवत का विधिवत पूजन किया और कथा को पूर्णाहुति दी।

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