🔹 Jeevika Women Empowerment की प्रेरक कहानी
बिहार में Jeevika Women Empowerment की एक मिसाल बनकर उभरी हैं रेखा दीदी।
वे भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड से जुड़ी हैं और आज “रोजगार देने वाली दीदी” कहलाती हैं।
🔹 संघर्ष से शुरुआत
कभी उनके पति मजदूरी के लिए गुजरात जाते थे और जीवन बेहद कठिन था।
हालांकि, Jeevika Women Empowerment से जुड़कर रेखा दीदी ने हार नहीं मानी।
🔹 स्वयं सहायता समूह की ताकत
रेखा दीदी ने गांव में स्वयं सहायता समूह बनाया और उसका नेतृत्व संभाला।
इसके बाद Jeevika Women Empowerment के तहत अन्य महिलाओं को जोड़ना शुरू किया।
🔹 30 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया
आज रेखा दीदी 30 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ चुकी हैं।
Jeevika Women Empowerment के कारण महिलाएं चाय स्टॉल, मशरूम और सत्तू उत्पादन कर रही हैं।
🔹 योजनाओं से मिला सहारा
पीएमएफएमई और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से प्रशिक्षण और सहायता मिली।
Jeevika Women Empowerment ने महिलाओं को बकरी पालन और छोटे उद्योग शुरू करने का मौका दिया।
🔹 मशरूम यूनिट बनी पहचान
गोकुल मथुरा में रेखा दीदी की मशरूम यूनिट में 10 से 12 महिलाएं काम करती हैं।
बिक्री न होने पर अचार बनाकर भी Jeevika Women Empowerment को आगे बढ़ाया जाता है।
🔹 बदली कई ज़िंदगियां
पूजा और शिल्पी जैसी महिलाएं अब सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।
Jeevika Women Empowerment ने उन्हें आत्मविश्वास और स्थायी आमदनी दी है।
🔹 सरकार और समाज की भूमिका
यह कहानी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही योजनाओं की सफलता दिखाती है।
Jeevika Women Empowerment आज बिहार में महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बन चुका है।




