🐘 हाथी ड्राइव में बड़ा हादसा
झाड़ग्राम में Jhargam elephant drive के दौरान हाथी के हमले में वनकर्मी की मौत हो गई।
मृतक अजीत महतो हुला पार्टी का सदस्य था और बालिभाषा का निवासी था।
🌳 जंगल में 17 हाथियों का झुंड
झटियार जंगल में 16–17 हाथियों का दल घूम रहा था।
मानव बस्तियों की ओर बढ़ने से रोकने हेतु ड्राइव अभियान चलाया गया।
⚠️ शोर से भड़के हाथी
अभियान के बीच तेज शोर और चिल्लाने से हाथी उग्र हुए।
इसके बाद एक हाथी ने अचानक अजीत महतो पर हमला कर दिया।
🏥 अस्पताल में घोषित मृत
गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, पर जान नहीं बची।
कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर ही मौत हो गई थी।
🚨 तीसरी मौत, बढ़ी चिंता
एक महीने में यह Jhargam elephant drive से जुड़ी तीसरी मौत है।
इससे सुरक्षा और प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
🛡️ सुरक्षा उपकरणों की कमी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मियों के पास पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी।
हेलमेट, ढाल और सुरक्षात्मक वाहन भी नदारद दिखे।
🤝 भीड़ प्रबंधन पर सवाल
ड्राइव के दौरान भीड़ को नियंत्रित नहीं किया गया।
इसी वजह से शोर बढ़ा और हाथी भड़क गए।
🕵️ विभाग ने शुरू की जांच
वन विभाग ने घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कही गई है।
🕊️ परिवार में शोक
अजीत महतो के परिवार में गहरा दुख और आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने मुआवजे और सुरक्षा सुधार की मांग की है।
🌱 आगे की राह
विशेषज्ञों का कहना है कि Jhargam elephant drive में बेहतर प्रशिक्षण जरूरी है।
साथ ही ड्रोन, ट्रैकिंग और वैज्ञानिक तरीके अपनाने की जरूरत है।




