🔹 Judiciary Defamation Row पर सीजेआई सख्त
Judiciary Defamation Row को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह टिप्पणी एनसीईआरटी की कक्षा 8 की नई किताब को लेकर आई है।
🔹 एनसीईआरटी की किताब पर आपत्ति
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की पुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ विषय शामिल है।
इसी को लेकर Judiciary Defamation Row तेज हुआ है।
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मुद्दे को अदालत में उठाया।
उन्होंने कहा कि यह विषय चिंता का कारण है।
🔹 सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि अदालत ने स्वतः संज्ञान ले लिया है।
उन्होंने कहा कि जज और वकील दोनों इस विषय से परेशान हैं।
उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संस्था प्रमुख के रूप में उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया है।
🔹 रणनीति पर जताई आशंका
सीजेआई ने कहा कि यह संभवतः एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि उन्होंने अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
Judiciary Defamation Row के बीच उनका संदेश स्पष्ट था।
धरती पर किसी को भी न्यायपालिका की छवि खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी।



