कालीगंज उपचुनाव 2025: तृणमूल आत्मविश्वास में, भाजपा को ध्रुवीकरण से उम्मीद, कांग्रेस ने माना संगठन कमजोर

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Indian youths showing their mark after voting in the General Elections in India. This mark is an indication that the person has cast it's Vote

तृणमूल को भरोसा, उम्मीदवार अलीफा अहमद पर दांव

कालीगंज के दिवंगत विधायक नासिरुद्दीन अहमद की बेटी अलीफा अहमद को तृणमूल ने प्रत्याशी बनाया है। उनके पेशेवर और शिक्षित छवि को लेकर पार्टी आश्वस्त है।

  • जयप्रकाश मजूमदार के अनुसार: “हम 50,000 वोटों से जीतेंगे।”
  • पार्टी का मानना है कि बूथ मैनेजमेंट में विपक्ष फेल रहेगा।

🐘 भाजपा का फोकस हिंदू वोटों पर

2021 में भाजपा को इस सीट पर हार मिली थी, लेकिन इस बार उसने ध्रुवीकरण और सत्ता-विरोधी लहर पर जोर दिया है।

  • जगन्नाथ सरकार का दावा: “पिछली बार 80% हिंदू वोट मिले, इस बार 90% तक जाएगा।”
  • भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं।

🧩 कांग्रेस-वाम गठबंधन की मुश्किलें

कभी यह सीट कांग्रेस का गढ़ थी, लेकिन अब पार्टी ने संगठनात्मक कमजोरियों को स्वीकार किया है।

  • अधीर रंजन चौधरी का बयान: “हमारे वोट तृणमूल और भाजपा में बंट गए हैं। यह चुनाव संगठन निर्माण का अवसर है।”
  • वाम दल भी केवल न्यूनतम उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश में हैं।

🗺️ जनसांख्यिकी और इतिहास का गणित

  • कुल मतदाता: 2.5 लाख
  • पिछली बार (2021):
    • तृणमूल: 1.12 लाख वोट
    • भाजपा: 65 हजार वोट
  • मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, जिससे भाजपा को पारंपरिक चुनौती रही है, पर बैकलैश की रणनीति अपनाई जा रही है।

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