हरिद्वार स्थित श्री मानव कल्याण आश्रम में मंगलवार को ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानंद सरस्वती महाराज की नवम पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संतों, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
🕉️ धर्म और तपस्या के प्रतीक
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जूना अखाड़ा के महंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि स्वामी कल्याणानंद महाराज त्याग, तपस्या और धर्मपरायणता के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि महाराज ने गौ रक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाया और इसके लिए उन्हें जेल यात्रा भी करनी पड़ी।
उन्होंने हरिद्वार, अहमदाबाद, बद्रीनाथ सहित अनेक तीर्थों पर आश्रमों की स्थापना कर धर्म और मानव सेवा की मजबूत नींव रखी।
🐄 गौरक्षा और समाज सेवा को समर्पित जीवन
इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि
“स्वामी कल्याणानंद महाराज का पूरा जीवन गौ सेवा, धर्म प्रचार और समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। हरिद्वार का शंकराचार्य चौक और श्री मानव कल्याण आश्रम उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।”
📿 आश्रम बना सेवा और साधना का केंद्र
संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि श्री मानव कल्याण आश्रम आज भी धर्म प्रचार, मानव सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
वहीं महंत दुर्गेशानंद सरस्वती ने बताया कि स्वामी जी ने गौ रक्षा के लिए देशभर में जनजागरण अभियान चलाया और शंकराचार्य जयंती समारोह की परंपरा भी यहीं से शुरू हुई।
🌺 श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले प्रमुख लोग
इस अवसर पर
ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद अग्रवाल,
कोषाध्यक्ष रेणुका बेन एल. ठक्कर,
स्वामी कृष्णानंद, स्वामी कमलानंद, स्वामी हंसानंद,
संतोष ध्यानी, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, महेंद्र, विनीत गिरि और संजय वर्मा सहित अनेक संतों और श्रद्धालुओं ने महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।




