चार साल बाद बहाल हुई कांगड़ा घाटी रेल सेवा
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा घाटी रेल सेवा का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद मंगलवार से ट्रेन संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई।
चक्की रेल पुल बनने से मिली नई रफ्तार
कांगड़ा घाटी रेल सेवा वर्ष 2022 में आई बाढ़ के बाद बाधित हो गई थी। चक्की नदी पर स्थित रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण रेल यातायात पूरी तरह बंद हो गया था। अब नए पुल के निर्माण के बाद रेल सेवा फिर से शुरू हो सकी है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा लाभ
कांगड़ा घाटी रेल सेवा बहाल होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, रोजगार और यात्रियों की आवाजाही भी आसान होगी। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
आधुनिक तकनीक से बना नया पुल
रेल मंत्रालय की ओर से लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नया रेल पुल तैयार किया गया है। आधुनिक तकनीक से निर्मित यह पुल भविष्य में सुरक्षित और सुगम रेल संचालन सुनिश्चित करेगा।
स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल
कांगड़ा घाटी रेल सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से रेल सेवा बहाल करने की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है।
विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि कांगड़ा घाटी रेल सेवा केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। इससे पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है।


