काशी में भक्ति का महासागर
वाराणसी में काशी नवरात्रि दर्शन के दौरान पूरा शहर भक्ति में डूबा नजर आ रहा है।
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
मां ब्रह्मचारिणी और ज्येष्ठा गौरी के दर्शन
मां ब्रह्मचारिणी और मां ज्येष्ठा गौरी के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
श्रद्धालु भोर से ही जयकारे लगाते हुए दर्शन-पूजन करते नजर आए।
इससे काशी नवरात्रि दर्शन का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
मंदिरों में गूंजे जयकारे
नगर के प्रमुख देवी मंदिरों में घंटियों की ध्वनि और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
धूप, दीप और फूलों की सुगंध से पूरा परिसर दिव्य लग रहा था।
यह दृश्य काशी नवरात्रि दर्शन को और खास बना रहा है।
घर-घर में पूजा और पाठ
मंदिरों के साथ-साथ घरों और मठों में भी पूजा-अर्चना जारी है।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चंडी पाठ और दुर्गा चालीसा का पाठ किया जा रहा है।
इससे काशी नवरात्रि दर्शन पूरे शहर में फैल गया है।
श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब
हाथों में पूजा की थाली और चुनरी लेकर भक्त माता के दरबार में पहुंचे।
दर्शन कर श्रद्धालु खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं।
यह आस्था काशी नवरात्रि दर्शन की विशेष पहचान है।
तीसरे दिन का महत्व
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चन्द्रघण्टा की पूजा का विधान है।
मान्यता है कि उनके दर्शन से सुख, समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति होती है।
इससे काशी नवरात्रि दर्शन का उत्साह और बढ़ने वाला है।



