🔹 इलाज में लापरवाही का आरोप
पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर महकमा अस्पताल में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रसूति महिला के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
खड़गपुर स्थित इस अस्पताल में आक्रोशित लोगों ने वॉर्ड मास्टर के कार्यालय में घुसकर फर्नीचर और दस्तावेजों में तोड़फोड़ की।
🔹 12 दिन तक अस्पताल में भर्ती
जानकारी के अनुसार, सोनामुखी इलाके की पायल राय को 26 जनवरी को प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती कराया गया था।
27 जनवरी को सिजेरियन ऑपरेशन से पुत्र जन्म हुआ।
परिजनों का कहना है कि सामान्यतः 4–5 दिन में छुट्टी मिल जाती है, लेकिन मरीज को 12 दिन तक रोका गया।
🔹 संक्रमण की जानकारी पर विवाद
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के टांकों में संक्रमण की बात समय पर नहीं बताई गई।
इलाज में देरी और स्पष्ट जानकारी न मिलने से नाराज लोग रविवार शाम को उग्र हो गए।
🔹 पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही खड़गपुर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
फिलहाल अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात है।
🔹 प्रशासन का पक्ष
रोगी कल्याण समिति की अध्यक्ष हेमा चौबे ने कहा कि संक्रमण के कारण मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था।
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सौम्यशंकर षड़ंगी ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह संवाद की कमी का परिणाम है।



