कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल में गुरुवार को शोध को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने दोनों परिसरों के पीएचडी शोधार्थियों एवं रिसर्च एसोसिएट्स के साथ एक खुला संवाद (Open House) आयोजित किया।
इस विशेष संवाद की सबसे अहम बात यह रही कि इसमें किसी भी आंतरिक संकाय सदस्य को शामिल नहीं किया गया, जिससे शोधार्थियों को बिना किसी दबाव के अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिला।
🔍 शोधार्थियों ने रखीं ये प्रमुख समस्याएं
शोधार्थियों ने संवाद के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने रखा, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे —
- पेयजल की नियमित आपूर्ति
- बिजली कटौती से होने वाली परेशानी
- वाई-फाई कनेक्टिविटी की समस्या
- शोध सॉफ्टवेयर के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता
- फैलोशिप में हो रही देरी
इन सभी समस्याओं को कुलपति ने गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया।
🎓 गुणवत्तापूर्ण शोध पर दिया जोर
कुलपति प्रो. रावत ने शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध, अकादमिक अनुशासन और नैतिक शोध आचरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शोधार्थियों से आग्रह किया कि वे स्कोपस सूचीबद्ध जर्नलों में अपने शोधपत्र प्रकाशित करें ताकि विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान और मजबूत हो सके।
🤝 विश्वविद्यालय से मिल रहा सहयोग
शोधार्थियों ने पिछले दो वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए आंतरिक शोध अनुदान और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सहभागिता के लिए वित्तीय सहायता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन पहलों से उनके शोध की गुणवत्ता और पहचान दोनों में वृद्धि हुई है।




