लद्दाख विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें स्पीकर देवनानी ने शांति की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन से ही विश्व में शांति आ सकती है।
लद्दाख विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
लद्दाख विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें देश के कई प्रतिष्ठित विद्वान और समाज सेवक शामिल हुए। इस अवसर पर स्पीकर देवनानी ने अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन से ही विश्व में शांति आ सकती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में शांति और संतुलन को बनाए रखना होगा, जिससे हमारे आसपास के लोग भी शांति में रह सकें।
स्पीकर देवनानी के विचार
स्पीकर देवनानी ने कहा कि भारत में जीवन दर्शन का एक विशेष महत्व है। हमारे देश में जीवन दर्शन के माध्यम से ही हमें शांति और संतुलन की शिक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में यह शिक्षा अपनानी होगी, जिससे हमारे आसपास के लोग भी शांति में रह सकें। उन्होंने कहा कि शांति की शिक्षा भारतीय जीवन दर्शन से ही मिलती है, जो कि पूरे विश्व के लिए उपयोगी है।
लद्दाख की भूमिका
लद्दाख विश्वविद्यालय में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में लद्दाख की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया गया। लद्दाख के लोगों ने अपने जीवन दर्शन को दिखाया, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और संतुलन को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जीवन दर्शन का एक विशेष महत्व है, जिससे हमें शांति और संतुलन की शिक्षा मिलती है।
शांति की शिक्षा
स्पीकर देवनानी ने कहा कि शांति की शिक्षा भारतीय जीवन दर्शन से ही मिलती है, जो कि पूरे विश्व के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में यह शिक्षा अपनानी होगी, जिससे हमारे आसपास के लोग भी शांति में रह सकें। उन्होंने कहा कि शांति की शिक्षा के लिए हमें अपने जीवन में संतुलन और शांति को बनाए रखना होगा।
निष्कर्ष
लद्दाख विश्वविद्यालय में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शांति की शिक्षा देना था। स्पीकर देवनानी ने अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन से ही विश्व में शांति आ सकती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में शांति और संतुलन को बनाए रखना होगा, जिससे हमारे आसपास के लोग भी शांति में रह सकें।


