महाकुम्भ : स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज बने महामंडलेश्वर

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🕉️ महाकुंभ में ऐतिहासिक पट्टाभिषेक

प्रयागराज महाकुंभ में सनातन परंपरा का ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला।
मेवाड़ के संत Hiteshwaranand Saraswati को पहली बार महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई।

👑 महानिर्वाणी अखाड़े ने दी उपाधि

Hiteshwaranand Saraswati को महामंडलेश्वर बनाया गया।
यह सम्मान Mahanirvani Panchayati Akhara द्वारा प्रदान किया गया।

📅 26 जनवरी को हुआ वैदिक अनुष्ठान

माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि को पट्टाभिषेक संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूध और गंगाजल से अभिषेक किया गया।

🙏 संतों की गरिमामयी उपस्थिति

पीठाधीश्वर Swami Vishokanand Bharati की उपस्थिति रही।
अनेक संतों ने माला और चादर ओढ़ाकर सम्मान किया।

🍛 भव्य भंडारे का आयोजन

पट्टाभिषेक के उपरांत भव्य भंडारा आयोजित किया गया।
श्रद्धालुओं और संतों ने प्रसाद ग्रहण किया।

🌿 सामाजिक कार्यों में अग्रणी योगदान

महंत हितेश्वरानंद सरस्वती सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
सनातन धर्म को सशक्त करने में उनका योगदान उल्लेखनीय बताया गया।

🗣️ नई जिम्मेदारी निभाने का संकल्प

महामंडलेश्वर ने जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
उन्होंने इसे सेवा और ईमानदारी से पूरा करने की बात कही।

📊 मुख्य जानकारी एक नजर में

विवरणजानकारी
संत का नाममहंत हितेश्वरानंद सरस्वती
मठकटावला मठ, चावंड (उदयपुर)
अखाड़ामहानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा
उपाधिमहामंडलेश्वर
तिथि26 जनवरी
अवसरप्रयागराज महाकुंभ
अनुष्ठानदूध व गंगाजल से अभिषेक
विशेषमेवाड़ से प्रथम महामंडलेश्वर

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