🕉️ Mahakumbh में संतों के साथ समाजसेवियों की पहल
प्रयागराज Mahakumbh में संत समाज आध्यात्मिक संदेश दे रहा है।
वहीं समाजसेवी भी पर्यावरण संरक्षण, Ganga Sarkshan का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
👤 श्रद्धालुओं को जागरूक कर रहे ‘दुकान जी’
प्रयागराज निवासी राजेंद्र कुमार तिवारी ‘दुकान जी’ श्रद्धालुओं को जागरूक कर रहे हैं।
वे गंगा और जल संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
🌊 Ganga Sarkshan का दे रहे संदेश
दुकान जी गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने की अपील कर रहे हैं।
वे नदियों के संरक्षण को जीवन से जोड़कर समझा रहे हैं।
🏺 अनोखे अंदाज में कर रहे जागरूकता
दुकान जी सिर पर कलश रखकर लोगों को संदेश देते हैं।
गले में लिखे संदेश श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करते हैं।
📢 जागरूकता संदेश बना आकर्षण का केंद्र
वे ‘गंगा है तो हम हैं’ जैसे संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
उनका अनोखा प्रदर्शन Mahakumbh में आकर्षण बना हुआ है।
🏆 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
दुकान जी का नाम गिनीज बुक और लिमका बुक में दर्ज है।
उनकी कला और सामाजिक सेवा को देश-विदेश में पहचान मिली है।
🌍 सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका
वे एड्स, पोलियो और यातायात जागरूकता अभियान में शामिल रहते हैं।
जल संरक्षण और पर्यावरण अभियान में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है।
✈️ कई देशों में दिखा चुके हैं हुनर
दुकान जी अपने कला प्रदर्शन के लिए कई देशों की यात्रा कर चुके हैं।
इसके बावजूद उनका जीवन सरल और समाज सेवा से जुड़ा हुआ है।
📊 राजेंद्र तिवारी ‘दुकान जी’ से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | राजेंद्र कुमार तिवारी ‘दुकान जी’ |
| पहचान | मूंछ नर्तक और समाजसेवी |
| आयोजन स्थान | Mahakumbh प्रयागराज |
| मुख्य अभियान | Ganga Sarkshan और जल संरक्षण |
| विशेष पहचान | गिनीज बुक और लिमका बुक रिकॉर्ड |
| जागरूकता क्षेत्र | पर्यावरण, स्वास्थ्य और यातायात |
| प्रदर्शन शैली | सिर पर कलश और संदेश प्रदर्शन |
| अंतरराष्ट्रीय पहचान | कई देशों में प्रदर्शन |
🔎 Mahakumbh में जागरूकता का महत्व
Mahakumbh सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक संदेश का मंच भी है।
ऐसे प्रयास पर्यावरण और संस्कृति संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



